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दिक्कत

दिक्कत शब्द जब पढ़ा तो, में ख़ुद दिक्कत मे आ गया, 

दिल ओर दिमाग़ दोनो मे झाँका तो ख़ुद दिक्कत मे आ गया, 

अपने दिलो दिमाग़ को क़ंगाला तो एक दिक्कत मिल ही गई, दिक्कत देख कर मे मुस्कुराया, थोड़ा हँसा, दिक्कत भी मुस्कुराई होगी ख़ुद को देखकर, दिक्कत बस एक ही थी, हाथ फटी जेब मे था, भूख पेट थी,

दिक्कत बस यही थी. 

@izhar alam dehelvi 

@Writerdelhiwala

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