गुलाब

                         

                            गुलाब मोहब्बत का 


एक गुलाब उनको भी, जो मोहब्बत के दुश्मन हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो नफ़रत के नारे लगाते हैं।

एक गुलाब उनको भी, जो हाथों में कटार लिए घूमते हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो अल्प-वस्त्र देख उत्तेजित होते हैं।

एक गुलाब उनको भी, जो दूसरों को ही 'बाप' (आका) समझते हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो प्रेम को ही शत्रु मानते हैं।

एक गुलाब उनको भी, जो मासूमों की मौत पर खुशियाँ मनाते हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो रंगों में भी धर्म ढूँढते हैं।

एक गुलाब उनको भी, जो मज़हब देख कर घर देते हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो धर्म को अपनी आड़ बनाते हैं।

एक गुलाब उनको भी, जो भड़काऊ नारों से दुश्मन बनाते हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो अपनों को आपस में लड़वाते हैं।

एक गुलाब उसको भी, जो दंगा करा खुद छुप जाते हैं,

एक गुलाब उसको भी, जो जाति में ऊँच-नीच समझते हैं।

एक गुलाब उनको भी, जो दोस्तों की आँखें भी फिरा देते हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो सत्ता और तंत्र पर सवाल नहीं पूछते।

एक गुलाब उनको भी, जो 'मोहब्बत के दीपक' जैसे शूरवीर पैदा करती हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो जंगलों को काट कर ईंधन (धन) बनाते हैं।

एक गुलाब उनको भी, जो कलाकार को महज जोकर समझते हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो समाज को सही मायने में समाज बनाते हैं।

एक गुलाब उनको भी, जो हमारी संस्कृति को सहेज कर रखते हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो जंगल में रहकर उसे घर बनाते हैं।

एक गुलाब उनको भी, जो गाँवों में रहकर सभ्यता को संजोए हैं,

एक गुलाब उनको भी, जो देश को वीर सपूत देती हैं।

और अंत में...

एक गुलाब उन सभी को, जो इन सभी को मोहब्बत का गुलाब देते हैं।


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